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General Knowledge: मेंढक कितने दिन में पैदा होता है, सुनकर दिमाग घूम जाएगा

General Knowledge: मेंढक को लेकर हम अक्सर मज़ाक या कहानियाँ तो बहुत सुनते हैं, लेकिन उसकी असली ज़िंदगी कितनी रोचक होती है, यह कम ही लोग जानते हैं। गाँव-देहात में बरसात का मौसम आते ही चारों तरफ़ पानी भर जाता है, खेतों में हरियाली आ जाती है और उसी के साथ मेंढकों की आवाज़ें गूँजने लगती हैं। तब बड़े-बुज़ुर्ग भी कहते हैं कि अब मेंढक निकल आए हैं। लेकिन असल सवाल यह है कि ये मेंढक पैदा कैसे होते हैं, कितने दिन में होते हैं और उनका पूरा जीवन चक्र क्या होता है। इसी बात को यहाँ धीरे-धीरे, बिल्कुल आम भाषा में, अच्छे से समझाया गया है।

प्रश्न 1. मेंढक कितने दिन में पैदा होता है?
Answer:
मेंढक सीधे बच्चे को जन्म नहीं देता, बल्कि अंडे देता है। मादा मेंढक जब पानी में अंडे देती है, तो उन अंडों से बच्चे निकलने में आमतौर पर 7 से 10 दिन लगते हैं। यह समय मौसम पर बहुत निर्भर करता है। अगर पानी साफ़ हो, ठंडक ज़्यादा न हो और धूप भी ठीक मिले, तो अंडे जल्दी फूट जाते हैं। लेकिन गंदे पानी या बहुत ठंड में यह समय थोड़ा बढ़ भी सकता है।

प्रश्न 2. मेंढक अंडे किस जगह देता है?
Answer:
मेंढक ज़्यादातर तालाब, पोखर, नहर, गड्ढों में भरा पानी या खेतों में जमा पानी में अंडे देता है। बरसात का मौसम इसके लिए सबसे सही माना जाता है, क्योंकि उस समय पानी की कमी नहीं होती। गाँवों में आपने देखा होगा कि बरसात के बाद अचानक तालाबों में काले-काले गुच्छे दिखने लगते हैं, वही मेंढक के अंडे होते हैं।

प्रश्न 3. मेंढक एक बार में कितने अंडे देता है?
Answer:
एक मादा मेंढक एक बार में सैकड़ों से लेकर हज़ारों अंडे दे सकती है। ये अंडे एक-दूसरे से चिपके रहते हैं और पानी में तैरते रहते हैं। हालांकि सभी अंडों से मेंढक नहीं बनते, क्योंकि कई अंडे मछलियाँ, कीड़े या दूसरे जलजीव खा जाते हैं।

प्रश्न 4. अंडे से सबसे पहले क्या निकलता है?
Answer:
अंडे से सीधे मेंढक नहीं निकलता। पहले निकलता है टैडपोल, जो देखने में मछली जैसा होता है। उसके पैर नहीं होते, सिर्फ़ पूंछ होती है और वह सिर्फ़ पानी में ही रह सकता है। यही मेंढक का शुरुआती रूप होता है।

प्रश्न 5. टैडपोल से मेंढक बनने में कितना समय लगता है?
Answer:
टैडपोल से पूरा मेंढक बनने में करीब 6 से 12 हफ्ते लग जाते हैं। इस दौरान उसके शरीर में धीरे-धीरे बदलाव आते हैं। पहले पीछे के पैर निकलते हैं, फिर आगे के, और उसकी लंबी पूंछ धीरे-धीरे छोटी होकर गायब हो जाती है। यही बदलाव मेंढक को खास बनाता है।

प्रश्न 6. टैडपोल क्या खाता है?
Answer:
टैडपोल शुरुआत में पानी में मौजूद काई, छोटे पौधे और सूक्ष्म जीव खाता है। जैसे-जैसे वह बड़ा होता है और मेंढक बनने लगता है, उसकी खाने की आदत भी बदलने लगती है।

प्रश्न 7. मेंढक का बच्चा माँ-बाप के साथ रहता है या नहीं?
Answer:
नहीं, मेंढक अपने बच्चों की ज़्यादा देखभाल नहीं करता। अंडे देने के बाद मेंढक अपनी ज़िंदगी में लग जाता है। जो टैडपोल और छोटे मेंढक बच जाते हैं, वही आगे चलकर बड़े होते हैं। प्रकृति में यही नियम है।

प्रश्न 8. मेंढक बरसात में ही ज़्यादा क्यों दिखता है?
Answer:
मेंढक को नमी और पानी बहुत पसंद होता है। बरसात में चारों तरफ़ पानी होता है, कीड़े-मकोड़े भी ज़्यादा होते हैं, जो मेंढक का खाना हैं। इसी वजह से बरसात में मेंढक ज़्यादा सक्रिय हो जाते हैं और हर जगह दिखने लगते हैं।

प्रश्न 9. मेंढक खेतों और इंसान के लिए क्यों ज़रूरी है?
Answer:
मेंढक मच्छर, कीड़े और फसल को नुकसान पहुँचाने वाले छोटे जीव खाता है। इस तरह वह खेतों को बचाने में मदद करता है। यही कारण है कि कई किसान मेंढक को अपना दोस्त मानते हैं, क्योंकि वह बिना किसी दवा के कीड़े कम करता है।

प्रश्न 10. मेंढक की ज़िंदगी से हमें क्या सीख मिलती है?
Answer:
मेंढक की ज़िंदगी हमें यह सिखाती है कि बदलाव ज़रूरी है। अंडे से टैडपोल और फिर मेंढक बनना, यह दिखाता है कि समय के साथ खुद को बदलना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। शायद यही वजह है कि मेंढक का जीवन विज्ञान में भी इतना खास माना जाता है।

निष्कर्ष:
मेंढक का जीवन छोटा और साधारण लग सकता है, लेकिन उसका सफ़र बहुत गहरा और सीख देने वाला है। अंडे से लेकर पूरा मेंढक बनने तक का हर चरण प्रकृति की ताक़त को दिखाता है। अगली बार जब बरसात में मेंढक की आवाज़ सुनें, तो यह याद रखिएगा कि उसके पीछे एक पूरा जीवन चक्र छुपा है।

Disclaimer:
यह लेख सामान्य ज्ञान और प्रकृति से जुड़ी जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य वैज्ञानिक तथ्यों और आम अनुभवों पर आधारित है। इसका मक़सद केवल जानकारी देना है, न कि किसी तरह का चिकित्सीय या वैज्ञानिक दावा करना।

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